जुल्फों
''रंगत तेरी जुल्फों की घटाओं ने चुराई
खुशबू तेरे आँचल से हवाओं ने उड़ाई "
"पैमाने का दिल टूट न जाये तो कहूं मै
है चीज़ ग़ज़ब की जो निगाहों ने पिलाई"
"माना कि बहारों ने खिलाया है गुलों को
उल्फत की कली दिल में वफाओं ने खिलाई"
"थमथम के बरसना कभी झम झम के बरसना
सावन को ये अदा मेरे अश्को ने सिखाई"
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