शेर-ओ-ग़ज़ल
Saturday, 2 April 2016
जब कभी तेरा नाम लेते है
जब कभी तेरा नाम लेते है
दिल से हम इंतिकाम लेते है
मेरे बरबादियों के अफ़साने
मेरे यारों के नाम लेते है
बस यही एक जुल्म है अपना
हम मोहब्बत से काम लेते है
हर कदम पर गिरे मगर सिखा
कैसे गिरतों को थाम लेते है
हम भटककर जुनूं की राहों मे
अक्ल से इंतिकाम लेते है
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