दिल के उजड़े हुए गुलशन में बहार आ जाए"
"दिल तो कहता है कि आँखों में छुपा लूं तुझ को
डर यही है कि मुक़द्दर को करार आ जाए"
"दिल के ज़ख्मों पे मेरे प्यार का मरहम रख दो
बेक़रारी में मुझे कुछ तो करार आ जाए"
"यूँ खुदा के लिए छीनो न मेरे होशो हवास
ऐसी नज़रों से न देखो कि खुमार आ जाए"

No comments:
Post a Comment