तेरा हाल मुझसे जो पूछा किसी ने
न मैं बोल पाया ना तू अब रही है
न घर-घर लगे है ना दिल ही थमे है
कि जिस रोज से माँ मेरी चल बसी है
अभी आ रही हैं तुम्हारी सदाएं
यहीं पर कहीं पर तू जैसे खड़ी है
न उसने बुलाया ना आवाज़ ही दी
पता तब चला घर में माँ ना रही है
न मैं बोल पाया ना तू अब रही है
न घर-घर लगे है ना दिल ही थमे है
कि जिस रोज से माँ मेरी चल बसी है
अभी आ रही हैं तुम्हारी सदाएं
यहीं पर कहीं पर तू जैसे खड़ी है
न उसने बुलाया ना आवाज़ ही दी
पता तब चला घर में माँ ना रही है
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