आज तक समझा नहीं ये माजरा क्या है।
चैन जो मिलता नहीं दिल चाहता क्या है।
देख कर जिसको धड़कता जोर से ये दिल ,
दो दिलों के बीच में ये वास्ता क्या है।
चैन जो मिलता नहीं दिल चाहता क्या है।
देख कर जिसको धड़कता जोर से ये दिल ,
दो दिलों के बीच में ये वास्ता क्या है।
जिस तरफ इक दम बढे जाते कदम अपने ,
दूर तक जाता हुआ रास्ता क्या है।
ढूंढती बेचैन नजरें हर तरफ किसको ,
कौन बतलाये ये भला ये साबका क्या है।
भूल पाया ही नहीं इतना लगा अच्छा ,
सोचता हूँ आज भी उसमें दिखा क्या है।
चाहकर उसको चाहा फिर कभी कुछ भी ,
नाम क्या दूँ इस बजह को फलसफा क्या है।
दूर तक जाता हुआ रास्ता क्या है।
ढूंढती बेचैन नजरें हर तरफ किसको ,
कौन बतलाये ये भला ये साबका क्या है।
भूल पाया ही नहीं इतना लगा अच्छा ,
सोचता हूँ आज भी उसमें दिखा क्या है।
चाहकर उसको चाहा फिर कभी कुछ भी ,
नाम क्या दूँ इस बजह को फलसफा क्या है।
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