माना मैंने तू जिद्दी है जिद करने की ठानी है।
मगर प्यार में दीवाने की लोगी क्या कुर्बानी है।
सच्चा प्यार निभाने वाला मिलता नहीं जमाने में ,
और एक तू रूठी उससे जिसकी तू दीवानी है।
मगर प्यार में दीवाने की लोगी क्या कुर्बानी है।
सच्चा प्यार निभाने वाला मिलता नहीं जमाने में ,
और एक तू रूठी उससे जिसकी तू दीवानी है।
बहुत परेशां होती थी जो इक दिन भी दीदार न हो ,
आज छुपाये बैठी खुद को मुझे बड़ी हैरानी है।
मनचाहा मिल जाए जिसको किस्मत वाला होता है ,
पाकर खुद ही खो देना ये बहुत बड़ी नादानी है।
कहीं किसी का दिल टूटे तो ये दुनिया खुश होती है ,
तुझसे मैं उम्मीद करूँ ये सोच बड़ी बचकानी है।
चलो रूठना छोडो अब तो भूल चूक सब माफ़ करो ,
हमें जिंदगी साथ साथ यों बेशक अभी निभानी है।
आज छुपाये बैठी खुद को मुझे बड़ी हैरानी है।
मनचाहा मिल जाए जिसको किस्मत वाला होता है ,
पाकर खुद ही खो देना ये बहुत बड़ी नादानी है।
कहीं किसी का दिल टूटे तो ये दुनिया खुश होती है ,
तुझसे मैं उम्मीद करूँ ये सोच बड़ी बचकानी है।
चलो रूठना छोडो अब तो भूल चूक सब माफ़ करो ,
हमें जिंदगी साथ साथ यों बेशक अभी निभानी है।
No comments:
Post a Comment