यादों मे तेरी.ख़्वाब
फिर मन मे सजने लगे।
*
इस मुरझाये दिल मे..
अरमां फिर मचलने लगे।
*
बीती बातों मैं उलझे...
मन के जाले हटने लगे।
*
दीमक से खोकले हुए...
साज खुदही बजने लगे।
*
नादानियों से टूटे शीशे...
बिखरकर फिर जुड़ने लगे।
*
अंजाम-ए-बदहाली मे डूबे..
गम के बादल छटने लगे।
*
इस सुप्त हुए जीवन में..
लुप्त हुए कदम बढ़ने लगे।
*
"पलाश" के फूल खिले फिर...
हँसी ख़्वाब फिर सजने लगे।
फिर मन मे सजने लगे।
*
इस मुरझाये दिल मे..
अरमां फिर मचलने लगे।
*
बीती बातों मैं उलझे...
मन के जाले हटने लगे।
*
दीमक से खोकले हुए...
साज खुदही बजने लगे।
*
नादानियों से टूटे शीशे...
बिखरकर फिर जुड़ने लगे।
*
अंजाम-ए-बदहाली मे डूबे..
गम के बादल छटने लगे।
*
इस सुप्त हुए जीवन में..
लुप्त हुए कदम बढ़ने लगे।
*
"पलाश" के फूल खिले फिर...
हँसी ख़्वाब फिर सजने लगे।
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