कुछ अनकही रह गई अब..
बीती बातें बह गई .....सब।
शब्दों की महिमा प्यारी सी
कुछ दिल की धड़कन न्यारी सी
धीरे-धीरे मध्यम-मध्यम....
सब बातें उलझी रह गई अब..
कुछ अनकही रह गई अब..
बीती बातें बह गई .....सब।
पल-पल सपनों मे विचरण करती
पतझड़ मे मधुमास सी विचरती
बिखर-बिखर कर फिर जुड़ जाती
ठंडी अलमस्त पवन सी छु गई लव...
कुछ अनकही रह गई अब..
बीती बातें बह गई .....सब।
परेशां -हैंरा पल में कर जाती..
रूखी-कड़वी हृदय छलने वाली।
बेचैन चुभन मस्ती के आलम मे डूबी
हिम सम अंगार लिए दफ़न हुई सब....
कुछ अनकही रह गई अब..
बीती बातें बह गई .....सब।
बीती बातें बह गई .....सब।
शब्दों की महिमा प्यारी सी
कुछ दिल की धड़कन न्यारी सी
धीरे-धीरे मध्यम-मध्यम....
सब बातें उलझी रह गई अब..
कुछ अनकही रह गई अब..
बीती बातें बह गई .....सब।
पल-पल सपनों मे विचरण करती
पतझड़ मे मधुमास सी विचरती
बिखर-बिखर कर फिर जुड़ जाती
ठंडी अलमस्त पवन सी छु गई लव...
कुछ अनकही रह गई अब..
बीती बातें बह गई .....सब।
परेशां -हैंरा पल में कर जाती..
रूखी-कड़वी हृदय छलने वाली।
बेचैन चुभन मस्ती के आलम मे डूबी
हिम सम अंगार लिए दफ़न हुई सब....
कुछ अनकही रह गई अब..
बीती बातें बह गई .....सब।
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