तुम क्या दोगे मुझे सहारा देने वाला तो बस रब है।
जब तक उसकी मर्जी ना हो मिला किसी को बोलो कब है।
अपनी दौलत पर इतना जो तुम इतराते फिरते हो यूं ,
वह चाहे तो तुमसे वापिस ले सकता सब का सब है।
जब तक उसकी मर्जी ना हो मिला किसी को बोलो कब है।
अपनी दौलत पर इतना जो तुम इतराते फिरते हो यूं ,
वह चाहे तो तुमसे वापिस ले सकता सब का सब है।
उस के दर पर आने की तहजीब निराली ही होती है ,
उसे पता है तुमने किसका कब कब किया नहीं अदब है।
प्यार मुहब्बत की बातें तो करने में अच्छी लगती हैं ,
लेकिन सच्चा प्यार हमेशा कुर्बानी का बना सबब है।
गुणा भाग या जोड़ घटाना भला प्यार में करना क्या ,
इसका नियम कायदा दिल पर लिक्खा रब ने बड़ा अजब है।
चलती नहीं हुकूमत कोई दिल वालों की दुनिया में ,
दिल का रिश्ता ऐसा रिश्ता ना नौकर ना ही साहब है।
उसे पता है तुमने किसका कब कब किया नहीं अदब है।
प्यार मुहब्बत की बातें तो करने में अच्छी लगती हैं ,
लेकिन सच्चा प्यार हमेशा कुर्बानी का बना सबब है।
गुणा भाग या जोड़ घटाना भला प्यार में करना क्या ,
इसका नियम कायदा दिल पर लिक्खा रब ने बड़ा अजब है।
चलती नहीं हुकूमत कोई दिल वालों की दुनिया में ,
दिल का रिश्ता ऐसा रिश्ता ना नौकर ना ही साहब है।
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