किसी हथेली पे उग जाना ,अपने बस की बात नहीं,
हर मौसम का साथ निभाना , अपने बस की बात नहीं,
घुटन,उमस,पीड़ा,सन्नाटा,ऊब थकन से घबरा कर,
अहसासों को कफ़न उड़ाना ,अपने बस की बात नहीं,
बरसाती नालों में बह कर लोग जहाँ चाहे पहुंचें,
काग़ज़ की कश्ती बन जाना, अपने बस की बात नहीं,
सूली पर चढ़ कर मुँह से सच्ची बात कहेंगे हम,
चुप रह कर सूली चढ़ जाना, अपने बस की बात नहीं,
जीने की ख्वाहिश में यूँ तो कभी नहीं जीते हैं पर ,
जान -बूझ कर जान गंवाना , अपने बस की बात नहीं,
साज़िश में कट जाए सर तो नहीं कोई शिकवा होगा,
सजदे में सर को कटवाना ,अपने बस की बात नहीं,
हर मौसम का साथ निभाना , अपने बस की बात नहीं,
घुटन,उमस,पीड़ा,सन्नाटा,ऊब थकन से घबरा कर,
अहसासों को कफ़न उड़ाना ,अपने बस की बात नहीं,
बरसाती नालों में बह कर लोग जहाँ चाहे पहुंचें,
काग़ज़ की कश्ती बन जाना, अपने बस की बात नहीं,
सूली पर चढ़ कर मुँह से सच्ची बात कहेंगे हम,
चुप रह कर सूली चढ़ जाना, अपने बस की बात नहीं,
जीने की ख्वाहिश में यूँ तो कभी नहीं जीते हैं पर ,
जान -बूझ कर जान गंवाना , अपने बस की बात नहीं,
साज़िश में कट जाए सर तो नहीं कोई शिकवा होगा,
सजदे में सर को कटवाना ,अपने बस की बात नहीं,
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