न मिल सके तुम तो कुछ ग़म नही…
तेरी यादे जो मिली तो वही कम नही…
तेरी यादे भी तुझसे हसीं कम नही…
न मिल सके तुम तो कुछ गम नही…।।
तेरी यादे जो मिली तो वही कम नही…
तेरी यादे भी तुझसे हसीं कम नही…
न मिल सके तुम तो कुछ गम नही…।।
तेरी यादों के सहारे ही जी लेंगे हम…
तेरा ग़म भी धीरे धीरे भुला देंगे हम…
क्या हुआ तुझे अपना बना न सके हम…
अपने दिल को कभी न कभी मना लेंगे हम…
कि जिसे चाहता है तू वो तेरा रहा अब नही…
न मिल सके तुम तो कुछ ग़म नही…
तुम चले गये यूँ जैसे हुआ कुछ नही…
मुझे लग रहा है जैसे बचा कुछ नही…
तू खुश है इसी से मुझे ग़म नही…
तू खुश है तो मेरी ख़ुशी कम नही…
न मिल सके तुम तो कुछ ग़म नही…
तेरी यादे जो मिली तो वही कम नही…
तेरी यादे भी तुझसे हसीं कम नही….।।।।
तेरा ग़म भी धीरे धीरे भुला देंगे हम…
क्या हुआ तुझे अपना बना न सके हम…
अपने दिल को कभी न कभी मना लेंगे हम…
कि जिसे चाहता है तू वो तेरा रहा अब नही…
न मिल सके तुम तो कुछ ग़म नही…
तुम चले गये यूँ जैसे हुआ कुछ नही…
मुझे लग रहा है जैसे बचा कुछ नही…
तू खुश है इसी से मुझे ग़म नही…
तू खुश है तो मेरी ख़ुशी कम नही…
न मिल सके तुम तो कुछ ग़म नही…
तेरी यादे जो मिली तो वही कम नही…
तेरी यादे भी तुझसे हसीं कम नही….।।।।
No comments:
Post a Comment