Saturday, 19 March 2016

छोड़ के या तो जाया मत कर

छोड़ के या तो जाया मत कर,
या फिर लौट के आया मत कर.
रात की नींद चुराने वाले,
दिन का चैन चुराया मत कर.
खुद पर है गर ऐतबार तो,
झूठी कसमें खाया मत कर.
जो लगता है वाजिब कर ले,
दुनिया को समझाया मत कर.
डर जाते हैं सुबह-सुबह जो,
ऐसे ख्वाब दिखाया मत कर.
हो ज़मीर शर्मिन्दा जिस से,
ऐसी दौलत कमाया मत कर.
हिंदी-उर्दू के चक्कर में,
ग़ज़लों को उलझाया मत कर

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